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नित जीवन मे रखना तुम
नये कदम विश्वास के
उम्मीदों कि कली खिलेगी
फूल महकेंगे आस के.
नित जीवन में रखना तुम
नये कदम विश्वास के.
लेकर आता नया सबेरा
सूरज हर कर रोज अंधेरा
नन्हा दीपक भी हरता है
अंधेरे अमावास के
नित जीवन में रखना तुम
नये कदम विश्वास के.
जीवन डगर बहुत कठिन है
जीवन की सीमा बस कुछ दिन है
पर जीवन को ऐसे जीना
कोई उत्सव खास के
नित जीवन में रखना तुम
नये कदम विश्वास के.
स्वरचित
अमृता राजेन्द्र प्रसाद
जगदलपुर छत्तीसगढ़

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