ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

शिक्षक दिवस-कमलेश कुमार कारुष

शिक्षक दिवस


शिक्षक दिवस आइल, दिलवा से अति भाइल,
दिलवा से नमन बाड़े, गुरुवर के महिमा छाइल,
याद करीं गुरूजी,महान हउवें,
चेला खातिर गुरुवर जहान हउवें।

ज्ञान मिले से पहिले,रहली अज्ञान हो,
आइ उजाला कइले,गुरू दइ ज्ञान हो,
उन्नति के पथ मिलल,लाग ताड़े मन हो,
गुरू जी के ज्ञान दिहल, सुन्दर हइ धन हो,
ओ प्रेम के धागा नेही,कभो नइखे टूटे,
अति नेही गुरू के साथ,कभो नइखे छूटे,
ओ ज्ञान दाता गुरूजी,शान हउवें,
चेला खातिर गुरुवर,जहान हउवें।

जीवन में नेको बार,कइनी हम भूल हो,
गुरू जी सवांर दइले,जिनगी के मूल हो,
गुरुजी खिला दिहले,जीवन चमन हो,
करबद्ध प्रणाम गुरू, चरणे नमन हो,
ओ पल पल भूल सुधारत रहले,जवन भूल कइनी,
बस उनही के कारण आज,जीवन मूल पइनी,
के के कारुष गुरूजी,मान हउवें,
चेला खातिर गुरुवर,जहान हउवें।

कलम से
कमलेश कुमार कारुष

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