ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।
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देखो दिल ना किसी का टूटे-निरेन कुमार सचदेवा।
प्यार बाँटते चलो-निरेन कुमार सचदेवा
हम सब अधूरे हैं-निरेन कुमार सचदेवा
इश्क़ अधूरा ही बेहतर है-निरेन कुमार सचदेवा
शीर्षक उम्मीदें, ख़्वाहिशें, ज़रूरते-लेखक निरेन कुमार सचदेवा
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