ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

हार से जीत-आदित्य कुमार

हार से जीत



लाखों बार गिरोगे राही,
पर फिर से उठ जाना होगा,
हार नहीं हारेगा जब तक,
तब तक कदम बढ़ाना होगा।

जब तक मंजिल मिल ना जाए,
दुनिया तुमको मरा बताए,
बन मिसाल दिखलाना होगा,
जिंदा हो बतलाना होगा,
हार नहीं हारेगा जब तक,
तब तक कदम बढ़ाना होगा।

तुम प्रयास के बन परिभाषा,
मंजिल की रखकर अभिलाषा,
हार से जीत बनाते कैसे,
दुनिया को समझाना होगा,
हार नहीं हारेगा जब तक,
तब तक कदम बढ़ाना होगा।

.........................................................................
         - आदित्य कुमार
              (बाल कवि)
.........................................................................

Post a Comment

0 Comments