ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

आखिर कब तक?-प्रतिभा पाण्डेय "प्रति" चेन्नई

शीर्षक:-आखिर कब तक?

इजराइल, फिलिस्तीन और हमास
स्वतंत्रता, संप्रभुता,स्वायत्तता की चाह में, लेने को सांस, 
धर्म के नाम पर कर रहे हैं लड़ाई, 
बच्चे, बुजुर्ग, औरत पर भी ना तरस खाई।

कैसा नराधम आतंकी हमास हो गया? 
लाचार, बेसहारे बच्चों और औरतों का,
सिर कलम कर दिया? 
हाय रे इंसान कैसी तेरी इंसानियत ?
पल में दोस्त,
पल में खूनखराबे की फितरत!

माना मन के अंदर सदा रहते दो भाई,
आपस में करते हमेशा लडाई ,
पर क्या कमाल, 
बुरे मन ने सोच को उकसा दिया, 
मारकर बेकसूर जनों को, 
अपने मानवता विरोधी,
धर्म का प्रचार किया ।

गरीब फिलिस्तीन की अमीरी नफरत में झलकी ,
बताओ कब जन्म ले रहे कलयुग के कल्की ?
कब आपस का बैर खत्म होगा ?
कब इंसान के मन से दूषित भाव मिटेगा? 
कब रवैया कट्टरता का खत्म होगा ?
आखिर कब तक ,
सत्य अपना तथ्य रखेगा? |

प्रतिभा पाण्डेय "प्रति"
चेन्नई

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