ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

मौलिक अधिकार - कमलेश कुमार कारुष मिर्जापुर

मौलिक अधिकार

मौलिक अधिकारों का वर्णन, 
  ओ कर रहा बयां हूं यार।
  छः मौलिक अधिकार हैं,
  जो  संविधान  का  सार।।

चौदह से ले अठारह अनुच्छेद,
  ओ समता का अधिकार।
   सभी नागरिक एक सम,
   हो  कभी  नही  तकरार।।

उन्नीस से ले बाइस अनुच्छेद, 
  स्वतंत्रता का अधिकार।
  सब   कोई   स्वतंत्र   हैं,
  अब खत्म  गुलामी यार।।

तेइस से ले चौबीस अनुच्छेद, 
  शोषण विरुद्ध अधिकार। 
  नही  कोई  शोषण  करे,
  औ नहि कोई अत्याचार।।

पचीस से ले अट्ठाइस अनुच्छेद, 
  धार्मिक स्वतंत्रता अधिकार।
  जो  चाहे  जिसको भी माने,
  उसकी मर्जी उसका विचार।।

उनतीस से ले  तीस  अनुच्छेद,
 संस्कृति व शिक्षा अधिकार। 
 स्व मर्जी  से  चुन  संस्कृति,
 पढ़ सकता है  शिक्षा  झार।।

ओ अनुच्छेद  बत्तीस कहता है, 
  संवैधानिक उपचारधिकार।
  यदि कोई मौलिकता छीने,
  कोर्ट शरण तत्काल गुहार।।

कलम से✍️
कमलेश कुमार कारुष 
मिर्जापुर

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