ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

पृथ्वी चांद संवाद-कमलेश कुमार कारुष

पृथ्वी चांद संवाद


पृथ्वी

ओ   चंदा   भैया   मैं   पृथ्वी,
प्यारी   बहना   बोल  रही  हूं।
चन्द्र  यान  से  राखी  पठायी,
ओ पहुंच गया मैं सोच रही हूं।।

चन्दा

मेरी  प्यारी  बहना   पृथ्वी,
चन्द्र यान भानजा है आया।
तिरंगे  से  युक्त  राखी  को,
सजा   धजाके   है  लाया।।

पृथ्वी

ओ प्यारे भैया चंदा  भैया,
राखी कलाई पर बंधवाओ।
अपने सारे हाल  चाल को,
जल्दी   जल्दी  पठवाओ।।

चन्दा

प्यारी   बहना  मेरी  बहना,
राखी  बंधी   कलाई   मेरी।
भेजूंगा सब हाल चाल को,
अब होगी सभी भलाई तेरी।।

पृथ्वी

हाल चाल सब रहेगा होता,
चन्द्र यान को सैर कराओ।
सुन्दर  सुन्दर चित्र सुनहरे,
इशरो पट पर खूब धराओ।।

चंदा

अब घबराना मत मेरी बहना,
भाई  का  फर्ज   निभाऊंगा।
इशरो के  सुन्दर  से  पट  पे,
सब  कुछ   शीघ्र  पठाऊंगा।।

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कलम से✍️
कमलेश कुमार कारुष 
मिर्जापुर
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