जैसी करनी वैसी भरनी
{व्यंगात्मक कविता}
बाबा चिंटू टिकट कटाये,
मीरजापुर से अल्लापुर।
डिब्बा खचखच भरा भीड़ से,
नहीं संधि था बैठन सुर।।
तब चिंटू ने एक युक्ति लगाई,
झूठे सांप सांप चिल्लाया।
सब बैग उठा भाग खड़े हुए,
अपनी अपनी जान बचाया।।
खाली डिब्बा देखके चिंटू,
बैठ गया सिट के ऊपर।
सोच सोच यूं मुस्काया,
मैं तो निकला सबसे सुपर।।
सोचते सोचते बड़ा बेचारा,
गहरी नींद में सोया।
सुबह-सुबह जब नींद खुली,
उठ आंख मुंह को धोया।।
चाय पिओ गरम चाय पिओ,
चाय वाला चिल्लाया।
चिंटू बोला हैलो चच्चा,
अभी कहां स्टेशन आया।।
चाय वाला तब दिया जबाब,
अभी खड़ी यह मीरजापुर।
चिंटू बोला हैलो चच्चा,
क्यों नही गयी यह अल्लापुर।।
कल निकला था एक सांप,
अतः डिब्बे को काट दिया।
बाकी सबमें बैठा यात्री,
अल्लापुर रवान किया।।
..........................,.................................
कलम से✍️
कमलेश कुमार कारुष
मिर्जापुर।
..........................,.................................

0 Comments