ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

मिसाइल मैन-पंकज सिंह"दिनकर"(अर्कवंशी) लखनऊ उत्तर प्रदेश

मिसाइल मैन

दिव्य    कलाम   अद्भुत   थें  न्यारे जन्मे   भारत  देश।
शिक्षा   का     हथियार   उठा   लो  देते    यह   संदेश।
जन्म    हुआ  था   तमिलनाडु   में धनुष  कोड़ी   गांव।
बचपन    में    अखबार     बेचते   और  बनाते    नाव।

अटल   इरादों   के   हमराही   अद्भुत  दिव्य   कलाम।
संघर्षों    पर    चलें     हमेशा    करते  सभी    सलाम।
रहे    राष्ट्रपति   भारत   के    ये   किए अनेकों   काम।
पदचिन्हों  पर   इनके  चलकर  हासिल  करो  मुकाम।

हिंदू, मुस्लिम, सिख,  ईसाई  आपस में   मिल जाओ।
भारत मां  की जय जय बोलो  ध्वज अपना फहराओ।
सत्य  मार्ग   पर   चलें   हमेशा   रोशन  किया  जहान।
मिसाइल  मैन  कहलाए  जग  में अद्भुत दिव्य  महान।

सपना   था   फाइटर   बनने   का  बनें  दिव्य   इंसान।
अमर   कहानी   इनकी  अद्भुत  दिव्य खिले  पहचान।
भारत   रत्न   मिला  था   इनको   थे अद्भुत   विद्वान।
दिव्य  पुुरुष   अद्भुत  विज्ञानी  दिनकर   तेज  समान।।

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पंकज सिंह"दिनकर"(अर्कवंशी)
लखनऊ उत्तर प्रदेश

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