ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

हे सूरज देवा-प्रतिभा पाण्डेय "प्रति" चेन्नई

शीर्षक:- हे सूरज देवा
विधा:- गीत
पानी के पियासल तिरिया, 
जोहत बाटिन बांट हो,
हे सूरज देवा,
जल्दी जल्दी आवा हमरे घाट हो,
हे सूरज देवा --2

रहम करा तीन दिन से, 
बाटी हम भूखल पियासल, 
बदरी में जाके काहे, 
करत हौआ लुकाछिपल__,
अब ना सतावा जल्दी हेन्हें आवा, 
हे सूरज देवा।
जल्दी जल्दी आवा हमरे घाट हो 
हे सूरज देवा---2।

अबकी बरस हम कईले बानी छठ पूजा, 
बनउले बाटी रच-रचकर हम ठेकुआ,
सूप के सजा बीच दीपक जलाईला ,
बांसे क बहंगिंया संग चलिला घाट हो, 
हे सूरज देवा। 
जल्दी-जल्दी आवा हमरे घाट हो ।
हे सूरज देवा--2।

अखण्ड सौभाग्य रहे करत बानी विनती, 
छठी मैया सलामत रखिहा बालक हमरे गोदी ,
मोर तिरिया क व्रत पावन झर-झर झरें नयनवा, 
पूरब दिशा में फैलाइदा ललकी किरनियां हो, 
हे सुरज देवा, 
जल्दी-जल्दी आवा हमरे घाट हो, 
हे सूरज देवा---2।

पानी क पियासल तिरिया ,
जोहत बाटिन बांट हो,
हे सूरज देवा, 
जल्दी जल्दी आवा हमरे घाट हो,
हे सूरज देवा-------------|

(स्वरचित)
प्रतिभा पाण्डेय "प्रति"
चेन्नई

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