ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

सुभाष चंद्र बोस पर कविता -सुमन मिश्रा सुमन सीतापुर

सुभाष चंद्र बोस पर कविता ,


वह समय बड़ा बलवान रहा ,
जब सुभाष जी का जन्म हुआ स
उनके जीवन का हर एक पल ,
ईश्वर के हाथो  लिखा हुआ I

उन्हों ने अपना जीवन सारा.  
देश के हित में लगा दिया I
ये देश स्वतंत्र होगा कैसे यह ,
प्रण दिल में था ठान लिया I

यह महापुरुष त्यागी सन्यासी,
तनिक न संसय करता था I
ख़ुश रहे देश अपना कैसे.       
बस बात यहीं वह रटता था I

तुम खून हमें दे दो गर  ,  
आजादी तुम्हें दिलाऊंगा I
कैसे भी कुछ करना होगा  ,
 यह देश स्वतंत्र कराउंगा 
वह कहां रहे वह कहां गए  ,
उनकी  सब याद कहानी है I

हमने तो उनकी वीर कथा ,
आज़ाद हिन्द से जानी है I

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स्वरचित
सुमन मिश्रा सुमन सीतापुर
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