तोरा जन्मोत्सव आण वालो है
आण वालो है, कन्हैया आण वालो है-२
ओ कन्हैया तोर जन्मोत्सव आण वालो है।
आण वालो है कन्हैया आण वालो है।
तोरे जन्मदिवस की सारे वृन्दावन में,
देख कन्हैया अब कैसी धूम मची है।
ग्वालों-बालों व गोपियों सहित राधा,
संग तोरे वृन्दावन में, झूम-२ नची है।
राधा को कन्हैया साँवरा, रंग तोरा भालो है।
आण वालो है कन्हैया आण वालो है-२
ओ कन्हैया तोरा जन्मोत्सव आण वालो है।
आण वालो है कन्हैया आण वालो है।
जब-जब छेड़त हो, मुख से अपने कन्हैया,
देखो तुम मधुर धुन ये अपनी मुरली की।
झूम उठे वृन्दावन, अरु झूमे गोकुल नगरी,
तबतब कन्हैया सुन मधुर धुन मुरली की।
तोरी मुरली से राधा का मन भयो मतवालो है।
आण वालो है कन्हैया आण वालो है-२
ओ कन्हैया तोरा जन्मोत्सव आण वालो है।
आण वालो है कन्हैया आण वालो है।
जबसे होयो गोकुल में, तोरा जन्म कन्हैया
तबसे गाँव में खुशियों की, फुहार छाई है।
तोरी साँवली सूरत पे राधा समेत गोपियाँ,
सदैव ही तुझपे कन्हैया फ़िदा होती आई है।
राधा को भाए नाम तोरा मदनगोपालो है।
आण वालो है कन्हैया आण वालो है-२
ओ कन्हैया तोरा जन्मोत्सव आण वालो है।
आण वालो है कन्हैया आण वालो है।
रौशनी अरोड़ा 'रश्मि'

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