ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

इक नारी के-शकुन्तला टेलर

आज जो देखा यह हालात...इक नारी के
अंतरात्मा को झकझोर दिया .......
जिस नारी ने आंचल के नीचे दूध पिलाया था, 
तो किसी को उंगली पकड़ चलना सिखाया था,

तो किसी के घर की लाज बनाकर शर्मायी थी
पर आज नारी के इस हालात को देखा 
हृदय का क्रंदन कर उठा..,,आखिर क्यो..?
हम धर्म के पर आडंबरों का दिखावा कर रहे।

नवरात्रों मे,देखो मनाने को माँ दुर्गा को
कहीं दर्शन,तो कहीं पूजा-पाठ की छा रहे।
कहीं गरबा में डांडिया धूम मचा रहे,
तो कहीं व्रत के नाम पर केले-मिठाई दूध 
संग मिठाई से भरी थालियां नजर आ रही।

तो कोई मातारानी को ओढ़ा लाल चुनर, रोली
मेहंदी,कुमकुम महावर से श्रृंगारित कर रहे। 
तो कोई पहनाकर गुलाब की माला अखंड 
ज्योत के जलाकर दीपक नवरात्रा कर रहे।

तो कोई माता की चौकी पर लगाकर परिक्रमा
परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना कर रहे...,,
आखिर क्यों.........????
धर्म के नाम पर आडंबरों का दिखावा कर रहे।

जिस देश मे महिला के नौ रूपों में पूजा होती है
उस देश में ऐसे हालात मे इक नारी नजरआयी।
बड़ी शर्मनाक तस्वीर,इस तस्वीर में धर्म के
नाम पर अंधविश्वास की कहानी नजर आयी।।
      
शकुन्तला टेलर ✍✍✍

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