ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

हिंद के इतिहास में,एक ओर स्वर्णिम अध्याय-महेन्द्र कुमार

(चंद्रयान_3 की सफलता पर अग्रिम अनंत हार्दिक शुभकामनाएं)

हिंद के इतिहास में,एक ओर स्वर्णिम अध्याय
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विज्ञानी तपन जपन,
आज सिद्धि की ओर ।
चंद्रयान तीन ला रहा,
खुशियों की नई भोर ।
चारु चंद्र की चंचल किरणें ,
फिर से बन रहीं शुभ फलदाय ।
हिंद के इतिहास में, एक ओर स्वर्णिम अध्याय ।।

इसरो के सारे प्रयास,
दिव्य भव्य फलित होंगें ।
वंदित होगी विश्व धरा,
प्रौद्योगिक चित्र ललित होंगें ।
हर्षित गर्वित अंतर्मन,
सुरभित मनुज काय ।
हिंद के इतिहास में ,एक ओर स्वर्णिम अध्याय ।।

हमारा चंद्र यान तीन,
अपने आप में विशेष ।
चंद्र धरा अनुसंधान का,
भाव संजोए अधिशेष  ।
एक लैंडर व एक रोवर से,
विक्रम प्रज्ञान बनें पर्याय  ।
हिंद के इतिहास में, एक ओर स्वर्णिम अध्याय ।।

विश्व गुरु परम पदवी,
फिर से सुशोभित होगी ।
इस चंद्रयान सफलता से,
दुनिया सारी अचंभित होगी ।
विज्ञान का वरदानी अन्वेषण रूप,
आज होगा अनंत आनंद प्रदाय ।
हिंद के इतिहास में ,एक ओर स्वर्णिम अध्याय ।।

महेन्द्र कुमार
(स्वरचित मौलिक रचना)

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