ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।

संघर्ष का महत्व

संघर्ष का महत्व

जिसने आत्मबोध कर लिया
मैं अपना खुद उद्धारक हूं 
वह जीवन में संघर्षों को चुनते हैं
वह ही एक दिन इतिहास रचते हैं

जो कायर होते हैं,
वह तो जीवन में हजार बार मरते हैं
बहादुर तो सीना तान के लडते है
लड़ने में दो तो होना ही है,
या तो हार या तो जीत का स्वाद चखना है

बातों से क्या घबराना,
कुछ अच्छा कुछ बुरा बोलकर जाएंगे
चाहे जिस नेक पथ से गुजरो तुम 
यही त्रिवेणी यही सरभंगा
यह समाज ही उत्तम गंगा है,

सबके पाप यही पर धोए जाएंगे
चुप रहने से बनने वाली बात नहीं
जब कुछ बोलोगे तब ही सीख पाऐंगे 
जिसने आत्मबोध कर लिया
हम खुद ही अपने उद्धारक है,

वह जीवन में संघर्षों को चुनते हैं
वह ही एक दिन इतिहास रचते हैं
यहां सब में गुरु शिष्य का नाता है
सब कोई कुछ न कुछ एक दूसरे को सीख सिखाते है

जो जितना काबिल है उतना ही समझ पाते है 
कुछ सीख रहे लड़कर कुछ पढ़कर
सबका एक ही भाग्य विधाता है
जो जैसा कर्म करेगा वैसा प्रतिफल पाता है,

जिसने आत्मबोध कर लिया
मैं अपने जीवन का खुद उद्धारक हूं 
वह जीवन में संघर्षों को चुनते हैं 
वह ही एक दिन इतिहास रचते हैं,

जो कायर होते हैं
वह तो जीवन में हजार बार मरते हैं
बहादुर तो सीना तान के लडते है

🙏🏽🙏🏽
कलम क्रांति का दर्पण

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