धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः। मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत संजय॥ श्लोक संख्या :- 1 ( अंक - 1 ) अर्थ - धृ…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️आत्म -प्रबोध मानव मन के उच्छवासों में, विश्वानिदेव का उर्मिल प्रभ हो । हिरण्यगर्भ के ज्योति कलश से, धरा सहित आलोकित नभ…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️🚩सृष्टि कर्ता विश्वकर्मा प्रजापतिः(ऋग्वेद दशम्- मण्डल) न मृत्यु थी न अमरत्व था, नही कोई तत्व था, न रात्रि थी न दिवस थ…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️सम्पूर्ण गीता शास्त्र का निचोड़ है, बुद्धि को हमेशा सूक्ष्म करते हुए महाबुद्धि आत्मा में लगाये रक्खो तथा संसार के कर्म …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 क्या मैं शरीर ही हूँ-उससे भिन्न नहीं? मैं क्या हूँ? मैं कौन हूँ? मैं क्यों हूँ? इस छोटे से प्रश्न का सही समाधान न क…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 आत्मचिंतन के क्षण Aatmchintan Ke Kshan आत्मिक क्षेत्र में सबसे बड़ी शक्ति ‘श्रद्धा’ है। श्रद्धा, अन्धविश्वास, मूढ़ म…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 गलत विश्वास वैज्ञानिको ने एक प्रयोग में एक बड़े से टैंक में एक शार्क मछली को रखा। और उसके साथ ही कुछ छोटी मछलियों को…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️✍️वेद त्रयी विश्व में शब्द प्रयोग की तीन ही शैलियाँ होती हैं- जो 1ःगद्य 2ःपद्य 3ःगान रूप से प्रसिद्ध हैं। पद्य में अक्…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है जब तक आप दूसरों पर आश्रित रहते हैं या समझते हैं कि हमारे कष्टों को कोई और दूर करेगा…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️आत्मचिंतन के क्षण Aatmchintan Ke Kshan बन्धन तीन हैं। वासना, तृष्णा, और अहंता। वासनाओं की स्वामिनी जननेन्द्रिय है वह …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 आत्म शुद्धि कीजिये जब मनुष्य दिन रात यही सोचने लगता है कि मेरी बातों का प्रभाव दूसरों पर पड़े, तो क्या वह ऐसा करने स…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 क्षणिक अस्तित्व पर इतना अभिमान अमावस की रात में दीप ने देखा-न चाँद और न कोई ग्रह नक्षत्र न कोई तारा-केवल वह एक अकेला…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 कर्त्तव्य पालन का अविरल आनन्द समराँगण की लीला में तलवार आनन्द पाती है, तीर अपनी उड़ान और सनसनाहट में मजा लेता है। पृ…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️॥ आज का भगवद् चिन्तन ॥ ॥ नाम आश्रय ॥ 🕉️ जीव के प्रयासों से तो प्रभु कथा एवं प्रभु लीलाएं भी बुद्…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 पितरों को श्रद्धा दें, वे शक्ति देंगे मरने के बाद क्या होता है? इस प्रश्न के उत्तर में विभिन्न धर्मों में विभिन्न प्…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 आत्मचिंतन के क्षण Aatmchintan Ke Kshan 29 Sep 2023 तुम सब हमारी भुजा बन जाओ, हमारे अंग बन जाओ, यह हमारे मन की बात है…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️👉 जीवन का सबसे बड़ा पुरुषार्थ और संसार का सबसे बड़ा लाभ यह तथ्य हजार बार समझा और लाख बार समझाया जाना चाहिए कि जीवन का …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️आत्मचिंतन के क्षण 🔷 प्रत्येक विचारशील व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह अपने जीवन को सार्थक एवं भविष्य को उज्ज्वल बनाने की आ…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️Copyright @ 2025-26 Gurukul Akhand Bharat All Right Reseved A Charitable Trust Registered Under Govt. of India
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