जो तुम न आये मेरी सुबह होगी … न शाम जो तुम न आये। अपने कसूर ढूंढती , बैठी रहूंगी दिल हार … जो तुम न आये। अधूरा रहेगा श्…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कितनी प्यारी होती है न पैंतीस चालीस की स्त्री। इनकी भरी भरी काया को देख जीरो साइज वाली रश्क करती। मौसम कोई भी हो .. …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️काले रंग की लड़की बहुत सयानी होती है पर सोचती बहुत है। काले रंग की लड़की वह बाकी से अलग है, कभी बहुत चुप और कभी बोलती ब…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️शिक्षिका हूं मैं , ज्ञान का दीपक जलाती हूं शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार देने की जिम्मेदारी महसूस मै करती हूं। तन…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️सूकून की तलाश है। थक गए हैं सफर में , अकेले चलते चलते, अब रहबर की तलाश है। पांव के बेहिसाब ज़ख्म भर दे कोई । उन हाथों…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️उम्र का अंतिम पड़ाव. ज्ञान और अनुभव का सुंदर यह बही खाता पर एकाकी क्यों बुढापा…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️प्रीति दास प्रधान
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️रात की दहलीज पर चांद उतर आया होगा। तू ताक रहा आसमां को, वो तो ज़मीं पर नज़र आया होगा। कैसी ज़न्नत सी, आबोहवा हवा होगी …
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