सतरंगी यादें। कुछ खट्टी ,कुछ मीठी , खोली है आज सतरंगी यादों की तिज़ोरी। बचपन की हठ खेलियां , मासूमियत की धूमिल छवि। आज …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कविता। किधर जाएं ? वक्त पर या चेहरों पर , किस पर करे विश्वास न, जाने कोन सी गली या चौराहे, पर कोई शिकारी है खड़ा? खुद…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कविता। चाहत गुलाब की.... काश कोई ऐसा मिले जिसे चाहत गुलाब की हो "माली के बागवान "की न जो बिना किसी आभूषण के…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कविता मांग दहेज की.. "कितनी ही रसोई में चूल्हे व्यंजन के लिए नहीं, बेटियों के लिए जलाएं जात…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️"कोहिनूर" "खूबसूरत तो हम पहले भी थे, अब तुमने और सजा दिया। तेरे नाम के बिंदिया ,चूड़ी ,बिछिया , ने नहीं …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कविता।........मां! मेरी मां मेरी जान कहलाती है , मेरी पहचान । खुली तिजोरी की तरह हम पर प्यार लुटात…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️अजनबी से बात न करना तो विश्वास करना सही है! पलको पे जिसकी शमाई थी उन नैनो को रुलाना क्या सही है ! चंद रोज की मोहब्बत …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कविता। वजह,...! अक्सर जिस शहर में शांति रहती थी …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कविता बिन बुलाए आ जाती है बेटियां तमन्ना है बेटों को गोदी में खिलाने की ना जाने कहां से आ जाती है बेटियां पोषित करते…
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