नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏 ***************************** बीता हुआ साल कुछ बुरी यादें, कुछ अच्छी यादें दे गया , …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️जिन्दगी ************* जिंदगी तो उलझनों से भरी, हम सब, सुलझाने आये है, खाली पन्नो में, अपने शब्द भरने आये हैं, वह शब्द ह…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️माँ की शरण *********** माता रानी का नाम जपे तू, पौडी- पौड़ी चलता जा। होंगे सारे कष्ट दूर तेरे, दिल से माता को प…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️कैसी बेबसी है, जो अपने हैं, उनका अपनापन दिखता ही नही, गम देने के सिवा, उनको दूसरा काम रहता ही नही, जिंदगी कैसे, मझधार …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️जिन्दगी.. *********" राहे जिंदगी में.. बस चलना ही होता रहा, बचपन तो बीता, खुशियो के साथ, लेकिन आगे सब कुछ, कठिन …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️सुख क्या?.. ********** जनम हुआ तो मिठाइयाँ बटे, मृत्यु समय पकवान बनै | ऐसे सुख का क्या करें, जो हृदय हित न होए | …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️मै कितना बदल चुकी हूँ.... ********************* मैं कितना बदल चुकी हूँ। जिंदगी के रंग, दिख न पाए, जो ख्वाब थे, वह आंखो…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️हौन्सलों की उड़ान स्वरचित रचना कंचन मिश्रा 🦜
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️जय माँ कात्यायनी... ऋषि कात्यायन से प्रसन्न हो माँ दुर्गा , पुत्री का जन्म ले कात्यायनी कहलाईं। वैघनाथ है धाम तुम्हारा,…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️जय माँ स्कंदा, माँ का पांचवां रूप **************** माँ दुर्गा का पाचवाँ रूप हो माँ। जगतजननी, शांति, पवित्रत…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️मैं मम्मी की गुड़िया थी.. ******************* मैं मम्मी की गुड़िया थी.. मम्मी ही मेरी दुनिया थी, उनका आँचल ही, मेरा ठि…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️माँ दुर्गा का चौथा रूप जय माँ कुष्मांडा ................................ जब चारों ओर अंधेरा था। न कुछ दिखा…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️माँ दुर्गा का प्रथम रूप जय माँ शैल पुत्री। ..................................... तुम ही हो माँ वृषारूढ़ा, …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️मेरी कविता ********** अनसुनी कहानियों सी, मैं भी किसी कहानी की, वह पात्र हूँ, जिसके जिम्मे, जिम्मेरदरिया है, कर्म और उत…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️किसी के दूर जाने से किसी के दूर जाने से, वेदना हृदय नहीं भरना। अगर कोई चोट दे दिल पर, तो खुदको मजबूत कर लेना। नयन …
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️मानवता दिवस ..................... है सच्चा इंसान वही धरा पर, जो मानव धर्म निभाए। सब धर्मां में श्रेष्ठ धर्म, नित सब…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️जहाँ देखती हूँ.. ************ जहाँ भी देखती हूँ, अलग ही नज़ारे दिखते हैं | इस रंग बदलती दुनिया में, दुर्बल पर बार सब…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️न जाने यह ग्रहण कब हटेगा.. ************************ कुछ मूड, अजीब सा लगता है, जैसे भार हो जीवन मे, महसूस होता है | को…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️न परवाह कर संसार की अब.. ************************ न परवाह कर संसार की अब, ये वक्त - वक्त पर बदला है। पड़े जब कष्टों का…
और पढ़ें 👨🏫🧑🏫👩🏫🖋️सफ़र जिन्दगी का... *************** जिंदगी में हमेशा, मुस्कुराने के बहाने न होते | सफर में हमेशा, मनमुताबिक अफसाने न हो…
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